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अमेरिका चुनाव: गलत सूचना वाले विज्ञापनों पर कार्रवाई करेगा फेसबुक

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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की पहली बहस के ठीक बाद फेसबुक ने अपने सभी प्लेटफार्मों पर ऐसे कोई भी राजनीतिक विज्ञापन पोस्ट नहीं करने का फैसला लिया है जो चुनावी विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। यानी जिन मामलों को लेकर चुनाव में बड़ी धोखाधड़ी की चर्चा होती है उन्हें फेसबुक रोक देगा। चुनाव से ठीक एक माह पहले गलत सूचना से निपटने के लिए इस पहल को अहम बताया गया है।
फेसबुक ने अमेरिकी चुनाव को गलत तरीके से पेश करने के लिए राजनीतिक विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाकर बड़ा कदम उठाया है। सोशल मीडिया साइट ने यह फैसला तब लिया है जब प्रेसिडेंशियल डिबेट में राष्ट्रपति ट्रंप ने पोस्टल वोटिंग पर संदेह जताया।
फेसबुक ने घोषणा की है कि वह इंस्टाग्राम समेत अपनी सभी वेबसाइटों के ऐसे विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगा रहा है, जो कथित रूप से चुनाव में धांधली का दावा कर रहे हैं। उसने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, हमने इस साल के चुनावों की अखंडता की रक्षा के लिए एहतियाती उपाय के रूप में यह फैसला लिया है।

कंपनी के उत्पाद प्रबंधक रॉब लिएथर्न ने कहा, चुनाव के मद्देनजर हम अपनी नीतियों को स्पष्ट रखना चाहते हैं। फेसबुक उन सभी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाएगा जो चुनाव नतीजों को अमान्य करने की मांग करते हैं।

चुनावी वैधता पर संदेह के बीज बो रहे ट्रंप : बिडेन


राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी हार स्पष्ट दिखाई दे रही है और इसीलिए उन्होंने चुनाव की वैधता को लेकर संदेह के बीज बोने शुरू कर दिए हैं। ओहियो में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि उनके चुनाव हारने पर अमेरिकी चुनाव की वैधता संदिग्ध हो जाएगी। 

डिबेट का प्रारूप बदलने पर विचार जारी : सीपीडी


राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव आधिकारिक बहस चलाने वाले निकाय ‘कमीशन ऑन प्रेसडेंशियल डिबेट’ (सीपीडी) ने कहा है कि वह बहस के प्रारूप में अतिरिक्त चीजें जोड़ने पर विचार कर रहा है। यह बयान बुधवार को हुई अराजक प्रेसिडेंशियल डिबेट में उम्मीदवारों के एक-दूसरे पर निजी छींटाकशी के बाद आया है। सीपीडी ने कहा, शेष बची बहस में सटीक चर्चा सुनिश्चित करने को लेकर विचार जारी है।

देश में शरणार्थी घटाना चाहते हैं ट्रंप


राष्ट्रपति ट्रंप आगामी वित्त वर्ष में देश के भीतर शरणार्थियों की संख्या कम करना चाहते हैं। अमेरिकी संसद को जारी एक नोटिस में ट्रंप प्रशासन ने कहा कि वह 2021 में 15,000 शरणार्थियों को ही शरण देना चाहता है। 2020 में यह संख्या 18,000 है। यह नोटिस प्रस्ताव दाखिल करने के अंतिम समय से 34 मिनट पहले दिया गया। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन देश में विदेशियों की बाढ़ लाना चाहते हैं।

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