त्रिरुअनंतपुरम, एएनआइ। केरल में सोना तस्करी के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत एफआईआर दर्ज किया है। एफआईआर में सारथ पीएस, स्वप्ना प्रभा सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को आरोपी बनाया गया है। एनआइए ने इस मामले में दो आरोपितों स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों को फिलहाल दो दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। सोमवार को दोनों को आरोपितों को एएनआइ कोर्ट ने आठ दिन के लिए एएनआइ हिरासत में भेज दिया है। 

इस मामले में कोच्चि इकोनमिक अफेंस कोर्ट ने आरोपी केटी रमीस को 14 दिन की रिमांड पर भेजा। उसे मलप्पुरम से गिरफ्तार किया गया था। कस्टम विभाग ने उसे कारुकुट्टी स्थित क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया है और कोर्ट 15 जुलाई को उसकी हिरासत की अर्जी पर विचार करेगा।

इस मामले में एनआइए की एफआइआर के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी सक्रिय हो गया है। सोना तस्करी के पीछे बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए ईडी मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर सकता है। पीएमएलए के तहत ईडी को सोना तस्करी से बनाई गई आरोपितों की सारी संपत्ति जब्त करने और बैंक खाते कब्जे में लेने का अधिकार है।

 ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे इस पूरे मामले पर शुरू से नजर रखे हुए हैं और कस्टम्स के साथ-साथ एनआइए के अधिकारियों के साथ भी संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यूएई के डिप्लोमैटिक बैग में एक साथ 30 किलो सोना लाया जा रहा था, वह स्वप्ना सुरेश, संदीप नायर और सरीथ पीएस जैसे लोगों का काम नहीं हो सकता है। उनके अनुसार, यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का काम है, जिसमें ये लोग प्यादे हैं। उन्होंने कहा कि इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करना जांच एजेंसियों का मूल उद्देश्य होगा।

Posted By: Arun Kumar Singh

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