नई दिल्ली, जेएनएन। फ़िल्ममेकर राम गोपाल वर्मा एक बार फिर विवादों में घिरते नज़र आ रहे हैं। फादर्स डे (21 जून) को उन्होंने मर्डर नाम से एक फ़िल्म की घोषणा की। यह फ़िल्म साल 2018 में तेलगांना के Miryalguda शहर में हुई एक जातिगत हत्या पर आधारित है। अब इस फ़िल्म की रिलीज़ से पहले फ़िल्ममेकर को कानूनी समस्याओं का समाना करना होगा। अब इस मामले को लेकर उनके खिलाफ़ केस दर्ज किया गया है। 

दरअसल, दो साल पहले प्रणय कुमार की हत्या हो गई। उनकी हत्या का आरोप उनकी पत्नी के पिता मारुति राव और चाचा श्रवण कुमार लगा। इंडिया टुडे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रणय के पिता बालास्वामी इस फ़िल्म के ख़िलाफ कोर्ट गए हैं। उनका कहना है कि राम गोपाल वर्मा की फ़िल्म प्रणय के केस को प्रभावित कर सकती है। वहीं, बालास्वामी की याचिका पर संज्ञान लेते हुए नालगोंडा की स्पेशल एससी/एसटी कोर्ट ने पुलिस को राम गोपला वर्मा के ख़िलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। 

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सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

दरअसल, रामू ने जब फ़िल्म का फर्स्ट लुक शेयर किया, तब भी इसको लेकर हंगामा मचा था। उन्होंने कैप्शन में लिखा था, 'यह एक दिल दहला देने  वाली कहानी है, जो एक बेटी की पिता अमृता और मारूति राव की कहानी पर आधारित है, जो कि बेटी से बहुत प्यार करता था। फादर्स डे के दिन एक दुःखी पिता की फ़िल्म का पोस्टर लॉन्च करते हुए।' इस ट्वीट के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने रामू पर ऑनर किलिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। 

क्या है प्रणय केस 

आपको बता दें कि साल 2018 में तेलगांना के नालगोंडा जिले में प्रणय कुमार की उनकी पत्नी के सामने हत्या कर दी गई। बाद में प्रणय की पत्नी अमृता ने हत्या के पीछे अपने पिता और चाचा पर शक जताया। उन्होंने बताया था कि प्रणय और अमृता दोनों अलग-अलग जाति के थे। उनकी शादी उनके पिता और परिवार को पसंद नहीं आई। हालांकि, अभी यह मामला कोर्ट में है।

Posted By: Rajat Singh

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