आरुषि-हेमराज हत्याकांड: 9 साल तक केस में मोड़ लाते रहे ये अहम किरदार

आरुषि-हेमराज मर्डर मामले में तलवार दंपति के अलावा करीब एक दर्जन लोगों की भूमिकाओं की जांच की गई थी। सीबीआई ने आरुषि के माता-पिता के अलावा डॉ. तलवार के दोस्त डॉ. प्रफुल्ल दुर्रानी, डॉ. अनीता दुर्रानी, प्रदीप तायल, ऋचा सक्सेना, नरेश राज, केके गौतम को भी संदेह के घेरे में रखा था।

1. डॉ. राजेश तलवार: आरुषि के पिता। सीबीआई कोर्ट ने इन्हें इस हत्याकांड का दोषी माना था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया बरी। घटना की रात ये घर में मौजूद थे। इसी आधार पर सीबीआई ने इन्हें गिरफ्तार किया था।
 
2. डॉ.  नूपुर तलवार : आरुषि की मां। सीबीआई कोर्ट ने इन्हें भी इस हत्याकांड का दोषी माना था। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी किया। यह भी घटना की रात घर में थी। 

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3. कृष्णा: डॉ. राजेश तलवार का कंपाउंडर। उसे पुलिस ने नारको टेस्ट रिपोर्ट के बाद 13 जून 2009 को गिरफ्तार किया था। यह व्यक्ति पहले 15 दिन नोएडा पुलिस की हिरासत में और बाद में 12 दिन सीबीआई की अवैध हिरासत में रहा। 

4. डॉ. अनीता दुर्रानी: डॉ. राजेश तलवार की सहयोगी। तलवार परिवार की बेहद करीबी। सीबीआई ने कई बार इनसे पूछताछ की। 

5. राजकुमार : डॉ. अनीता दुर्रानी का नौकर व हेमराज व कृष्णा का दोस्त। मूल रूप से नेपाल का रहने वाला। सीबीआई ने कृष्णा के नारको टेस्ट में नाम आने के बाद हिरासत में लिया। 

6. विजय मंडल: तलवार के पड़ोसी का नौकर। हेमराज से थी दोस्ती। सीबीआई पहले कर चुकी है गिरफ्तार। 

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7. प्रदीप तायल: नोएडा की जानी-मानी कंपनी फ्लैक्स के डायरेक्टर। हत्या वाले दिन सबसे पहले जानकारी मिली। कमरे में छेड़खानी व पुलिस के काम में दखलअंदाजी के आरोप लगे थे। तलवार परिवार के करीबी, सीबीआई इनसे भी पूछताछ कर चुकी है।  

8. डॉ. दिनेश तलवार: राजेश तलवार के भाई। एम्स में तैनात।  हत्या की जानकारी पुलिस से पहले इन्हें दी गई और मौके पर पहुंचने के बाद सबूतों को हटाने के आरोप लगे थे।

9. प्रफुल्ल दुर्रानी:  डेंटिस्ट, डॉ. अनीता दुर्रानी के पति, तलवार दंपति के पारिवारिक मित्र

10. ऋचा सक्सेना: जिला अस्पताल की तत्कालीन पैथोलॉजिस्ट ऋचा सक्सेना शुरू से ही इस मामले में संदेह के घेरे में रही हैं। सीबीआई कई बार इनसे पूछताछ कर चुकी है। 

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11. नरेश राज:  आरुषि की वेजाइनल स्वैव की स्लाइड से छेड़छाड़ मामले में सीबीआई जिला अस्पताल के डॉ. नरेश राज से पूछताछ कर चुकी है। ये आरुषि और हेमराज का पोस्टमार्टम करने वालों में शामिल रहे हैं। 

12. डॉ. सुनील दोहरे: डॉ. दोहरे भी आरुषि व हेमराज के पोस्टमार्टम करने वालों में शामिल रहे हैं। सीबीआई ने इस बात की जांच की थी कि सुनील दोहरे पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बदलाव करने के लिए डॉ. राजेश के भाई दिनेश तलवार ने दबाव डाला था। 

13. के. के. गौतम:  पूर्व डीएसपी, राजेश तलवार के करीबी रहे पूर्व डीएसपी केके गौतम भी जांच के घेरे में रहे हैं। इन्होंने ही घटना के अगले दिन सबसे पहले छत पर हेमराज के शव को देखा था। 

इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोप 
1. एएसपी अखिलेश कुमार: नोएडा में तैनात तत्कालीन एएसपी अखिलेश कुमार पहले मौके पर पहुंचे और इनकी लापरवाही के चलते ही हेमराज की लाश एक दिन बाद मिली। इन पर आरोप लगा कि केस में काफी जल्दबाजी की और इनकी  लापरवाही से कई महत्वपूर्ण सबूत हटे।  

2. सब इंस्पेक्टर दाता राम ननौरिया: कोतवाली सेक्टर-20 के तत्कालीन प्रभारी। इन्हीं के कार्यकाल में हुआ मर्डर। आरोप है कि किसी भी लाश का नहीं करवाया मौके पर पंचनामा। बगैर किसी आधार के पुलिस टीम बरेली भेजी। इनकी लापरवाही से ही हेमराज की लाश एक दिन बाद मिली। केस डायरी से खिलवाड़ के आरोप। 

3. सब इंस्पेक्टर बच्चू सिंह:  चौकी प्रभारी व पहले विवेचक। इन्होंने सबसे पहले घटनास्थल देखा और दोनों का पंचनामा भरा। इसके अलावा गैराज खोलने से लेकर कई अन्य मामलों में इन्होंने जांच की। इन पर भी लापरवाही के आरोप।

News source: http://www.livehindustan.com/national/story-aarushi-hemraj-assassination-the-key-role-of-turning-the-case-into-9-years-1593796.html