चेन्‍नई, एजेंसी। अपने कड़े फैसलों के लिए मशहूर 86 वर्षीय पूर्व मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त टीएन शेषन का रविवार को चेन्‍नई में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे।  वह 1990 से 1996 के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। भारतीय चुनावों में शुचिता और पारदर्शिता लाने का श्रेय शेषन को ही जाता है।1990 में मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद लोगों के बीच टीएन शेषन का डायलॉग 'आई ईट पॉलिटिशियंस फॉर ब्रेकफास्ट' काफी चर्चाओं में रहा।  शेषन के परिजनों ने बताया कि उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उन्होंने तत्‍कालीन पीएम नरसिम्हा राव से लेकर बिहार के सीएम रहे लालू प्रसाद यादव किसी को नहीं बख्शा। उन्होंने कई चुनाव रद्द करवाए और बिहार में बूथ कैप्चरिंग रोकने के लिए सेंट्रल पुलिस फोर्स का इस्तेमाल किया। बाद में उन्‍होंने राष्‍ट्रपति पद का चुनाव भी लड़ा। शेषन 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनका जन्म केरल के ब्राह्मण कुल में हुआ था। आईएएस की परीक्षा में टॉप करने वाले टीएन शेषन नौकरशाह के पद पर रहते हुए कैबिनेट सचिव के पद पर पहुंचे। 

भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने उनके निधन पर कहा कि टीएन शेषन (भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त) का कुछ समय पहले निधन हुआ है। वह अपने सभी उत्तराधिकारियों के लिए एक सच्चे किंवदंती और मार्गदर्शक बल थे। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।

Posted By: Arun Kumar Singh

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