नई दिल्ली, जेएनएन। हिन्दी सिनेमा की एक जानी-मानी शख्सियत बेगम फर्रुख जाफर का निधन हो गया। शुक्रवार की शाम सात बजे उन्होंने लखनऊ के सहारा अस्पताल में अंतिम सांस लीं। 89 वर्ष की फर्रुख जाफर  कुछ दिन पहले सांस लेने में दिक्कत की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परिवार में उनके पीछे दो बेटियां हैं। एक शाहीन और दूसरी वरिष्ठ पत्रकार व लेखक महरू जाफर हैं। जाफर, महरू के पास ही रहती थीं। महरू जाफर ने बताया कि उन्हें शनिवार को सुबह 10.30 बजे मल्लिका जहां कब्रिस्तान एशबाग में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

जाफर ने साल 1963 में अपना करियर रेडियो में बतौर अनाउंसर शुरू किया था। गीतों भरी कहानी नामक प्रोग्राम काफी यादगार रहा, जिसमें वे गीतों के बीच सुनाई जाने वाली कहानियों को अपनी आवाज देती थीं।

फर्रुख जाफर ने साल 1981 की क्लासिक फिल्म 'उमराव जान' से अपना फिल्मी सफर शुरू किया था। इस फिल्म में उन्होंने रेखा की मां की भूमिका निभाई थी। बाद में वह कुछ टीवी शो में दिखाई दीं, लेकिन 2004 में शाहरुख खान अभिनीत फिल्म 'स्वदेश' से उन्हें और प्रशंसा मिली।

इसके बाद एक-एक करके उन्होंने काफी फिल्मों में अभिनय किया, जिसमें से आमिर खान की 'पीपली लाइव' एक थी। इस फिल्म में फर्रुख जाफर ने एक एसी महिला का किरदार निभाया था जो पूरे दिन बीड़ी पीती है और अपनी बहू को कोसती रहती है। 'फोटोग्राफ' में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की दादी का भी किरदार निभाया था।

लेकिन उनका सबसे यादगार प्रदर्शन शूजित सरकार कि फिल्म 'गुलाबो सिताबो' में मेगास्टार अमिताभ बच्चन की पत्नी के रोल में था। फिल्म में उनका नाम जोशीला फातिमा बेगम था और पूरी कहानी ही उनके इर्द गिर्द घूमती रही।

बेहतरीन अभिनय के लिए फर्रुख जाफर को 28 मार्च 2021 को फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया। पीटीआई को दिए अपने इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने कहा था कि जब मैंने ये सुना कि लोग मेरी तारीफ में कहते है, 'बेगम पिक्चर में बाजी मार ले जाती हैं' तब मुझे सबसे ज्यादा खुशी हुई। फिल्म जगत से जुड़े लोग सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रिब्यूट दे रहे हैं।