नई दिल्ली, एजेंसी। गुजराती फिल्मों के सुपरस्टार महेश कनोडिया और नरेश कनोडिया दोनों का दो दिनों में के अंदर निधन हो गया है। नरेश कनोडिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे कोरोना से संक्रमित थे और अहमदाबाद के यू एन मेहता कोविड-19 स्पेशल अस्पताल में भर्ती थे। वहीं, नरेश कनोडिया के बड़े भाई महेश कनोडिया का लंबी बीमारी के बाद गत 25 अक्टूबर को गांधीनगर में उनके आवास पर निधन हो गया था। गुजरात की जनता के लिए यह कितने खास थे, इसका एक उदाहरण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट से भी लगा सकते हैं।

पीएम मोदी ने दोनों भाइयों के निधन पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने कहा, 'दो दिनों की अवधि में, हमने महेशभाई और नरेशभाई कनोडिया दोनों को खो दिया है। संस्कृति की दुनिया में उनके योगदान, विशेष रूप से गुजराती गीतों, संगीत और रंगमंच को लोकप्रिय बनाना कभी नहीं भूला जाएगा। उन्होंने समाज की सेवा करने और दलितों को सशक्त बनाने के लिए भी कड़ी मेहनत की।'

महेश कनोडिया पाटन से सांसद रहे चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते नरेश कनोडिया को भारतीय जनता पार्टी में शामिल कर विधानसभा का टिकट दिया था। नरेश कनोडिया गुजरात विधानसभा के सदस्य बने थे। उनके पुत्र अभिनेता हितु कनोडिया भाजपा के विधायक हैं। महेश व नरेश कनोडिया के आखिरी मिलन के वक्त दोनों एक गीत "तेरे बिना जीना कहां" गाते नजर आए, इस वीडियो को उनके पुत्र हितु ने सोमवार को ही सोशल मीडिया पर जारी किया था। महेश कनोडिया गुजरात के जाने-माने संगीतकार रहे तथा अपने छोटे भाई नरेश कनोडिया के कैरियर को संवारने में भी उनका खासा योगदान रहा।

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