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सीबीआई एफआईआर: शिकायतकर्ता का दावा राकेश अस्थाना को दिए थे 3 करोड़ रुपये

राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना ने दावा किया है कि उसने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को पिछले साल 3 करोड़ रुपये दिए थे। सीबीआई ने अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अस्थाना पर आरोप है कि मास कारोबारी मोईन कुरैशी से जुड़े एक मामले में जिस आरोपी के खिलाफ वह जांच कर रहे थे, उससे उन्होंने रिश्वत ली। दो महीने पहले अस्थाना ने कैबिनेट सचिव से सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ यही शिकायत की थी।

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एजेंसी ने गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी पर आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार का आरोप लगाए हैं। सना जिसकी अस्थाना के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही थी, उसने मीट निर्यातक मोइन कुरैशी को कथित तौर पर 50 लाख रुपये दिए थे। उसने दावा किया कि डीएसपी देवेंद्र कुमार ने उससे पिछले साल पूछताछ की। इसी बीच दुबई के रहने वाले एक इनवेस्टमेंट बैंकर मनोज प्रसाद ने उसे सीबीआई में अपने अच्छे रिश्तों के बारे में बताया और यह भी कि उसका भाई सोमेश उसे इस मामले से बाहर निकाल लेगा। 

सना का कहना है कि वह मनोज को 10 सालों से जानता है। सीबीआई ने मनोज को 16 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था। एफआईआर दर्ज होने से एक दिन पहले सीबीआई में दर्ज अपनी शिकायत में सना ने दावा किया कि मनोज ने अपना नाम मामले से हटाने के लिए सीबीआई अधिकारी के नाम पर 5 करोड़ रुपये मांगे। उसने कहा कि वह 3 करोड़ रुपये एडवांस में देने थे वहां 2 करोड़ रुपये चार्जशीट दाखिल करते समय देने थे। जिससे कि उसे क्लीनचिट मिल सके। उसके बयान को मैजिस्ट्रेट के सामने आईपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किया गया है और यह अदालत में मान्य है।

सना ने अपनी शिकायत में कहा, 'सोमेश ने मुझसे कहा कि राकेश अस्थाना मेरे सीबीआई केस का ध्यान रखेंगे जिसकी एवज में पांच करोड़ रुपये में पहले ही सहमति दी जा चुकी थी। जब मैं सोमेश से दुबई में मिला तो बातचीत के दौरान उसने कहा कि अस्थाना निश्चित तौर पर उसका काम कर देंगे क्योंकि मैं उनके दुबई और लंदन के निवेश को मैनेज करता हूं। उसने आगे बताया कि पिछले साल अस्थाना उसके लंदन स्थित घर में रुके थे।' सना का दावा है कि उसने सीबीआई अधिकारी की तस्वीर को सोमेश के वाट्सएप पर देखा और उसकी पहचान अस्थाना के तौर पर की थी। उसका कहना है कि उसने 1 करोड़ रुपये की पहली किश्त मनोज को दुबई में दी थी और उसके बाद 1,95 करोड़ रुपये मनोज के परिचित सुनील मित्तल को 12 दिसंबर, 2017 को दिल्ली के रायसीना रोड पर स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पार्किग एरिया में दी थी।

सना के अनुसार जब वह पिछले साल दुबई में था तो सोमेश ने उसे फोन पर दो सीबीआई अधिकारियों की बातचीत सुनाई थी जिसमें वह उसके मामले के बारे में बातचीत कर रहे थे। हालांकि शिकायत में यह जिक्र नहीं किया गया है कि उसने अस्थाना से कभी मुलाकात या खुद बातचीत की थी। जबकि सोमेश और मनोज का दावा है कि जो आवाजें उसने सुनीं वह अस्थाना की थी। शिकायत में उसने अस्थाना के साथ बैठक और बातचीत के बारे में कुछ नहीं लिखा है। सीबीआई एफआईआर में अस्थाना को आरोपी बनाया गया है, उनके साथ देवेंद्र कुमार, मनोज प्रसाद, सोमेश प्रसाद और अज्ञात लोगों के नाम हैं। सना ने यह भी दावा किया कि सोमेश ने उसे बताया था कि उसका वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सामंत गोयल और परवेज हयात के संपर्क में है। गोयल इस समय रॉ के विशेष निदेशक हैं।

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