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India

उप्र में माया हुई मुलायम, भाजपा ने 9 सीटें गंवाईं; अखिलेश-मुलायम के अलावा परिवार के सभी सदस्य हारे

लखनऊ. इस लोकसभा चुनाव में भाजपा उत्तरप्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी रही। उसने यहां 80 में से 62 सीटें जीतीं। हालांकि, 2014 के मुकाबले 9 सीटों का नुकसान हुआ। भाजपा के सहयोगी अपना दल को 2 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 15 (बसपा- 10, सपा- 5) और कांग्रेस ने 1 सीट पर जीत हासिल की। सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद उप्र में भाजपा को इस बार 49.5% वोट मिले। 2014 लोकसभा चुनाव में 42.6% मिले थे। बसपा उप्र में पिछली बार खाता नहीं खोल पाई थी। उप्र में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें हैं। 2014 में इनमें से एनडीए को 73 पर जीत मिली थी।

उत्तरप्रदेश में सबसे बड़ा उलटफेर अमेठी सीट पर हुआ। यहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 50 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। अब तक के इतिहास में कांग्रेस इस सीट पर तीसरी बार हारी है। इससे पहले 1977 में संजय गांधी इस सीट से हारे थे। उसके बाद 1999 में सतीश शर्मा को हार मिली थी।

अपडेट्स:

26 साल बाद सपा-बसपा का गठबंधन हुआ

मुलायम सिंह यादव ने 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया था। 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ। तब बसपा की कमान कांशीराम के पास थी। सपा 256 और बसपा 164 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। सपा को 109 और बसपा को 67 सीटें मिली थीं। हालांकि, 2 जून 1995 को गेस्ट हाउस कांड के बाद यह गठबंधन टूट गया। तब लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती के साथ सपा समर्थकों ने बदसलूकी की थी।
 

2014 के नतीजे

पार्टी    सीटें वोट प्रतिशत
भाजपा 71 42.6%
सपा 22.3%
कांग्रेस 7.5%
अपना दल 2 1%
बसपा 0 19.8%
आरएलडी 0 0.9%

कांग्रेस ने 73 सीटों पर लड़ा चुनाव, प्रियंका-सिंधिया को महासचिव बनाया


कांग्रेस और सपा 2017 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ी थीं। हालांकि, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं किया गया। गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली से उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया था। वहीं, कांग्रेस ने भी सात सीटें गठबंधन के लिए छोड़ दी थीं। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को उत्तरप्रदेश की जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का महासचिव बनाया था। प्रियंका ने पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा और पूर्वी उत्तरप्रदेश की लगभग हर सीट पर प्रचार किया। 

उत्तरप्रदेश: मोदी ने 31, राहुल ने 17 जनसभाएं कीं


इस लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य फोकस उत्तरप्रदेश-बंगाल और ओडिशा में रहा, वहीं राहुल ने केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तवज्जो दी। मोदी ने उत्तरप्रदेश में 29 और राहुल गांधी ने 17 रैलियां कीं।

एक्सपर्ट व्यू:

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