पृथ्वी के निकट से सुरक्षित गुजर गया क्षुद्र ग्रह, 2012 में पहली बार देखा गया था

पृथ्वी के निकट आ रहा 2012 टीसी 4 क्षुद्र ग्रह आखिरकार बगैर किसी नुकसान के गुजर गया। इसके पृथ्वी के निकट आने से खतरे की आशंका व्यक्त की जा रही थी। हालांकि वैज्ञानिक इसको पहले ही खारिज कर चुके थे। यही नहीं वैज्ञानिकों का यह भी दावा है कि आने वाले 100 साल तक क्षुद्र ग्रह पृथ्वी को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नहीं हैं। 

2012 में हवाई द्वीप में खगोल वैज्ञानिकों ने इस क्षुद्र ग्रह को पहली बार देखा था, जोकि पृथ्वी से 94 हजार 800 किमी दूर था। इस बार इसकी दूरी 6 हजार 800 किमी तक रहने की संभावना थी। इसके चलते इससे अधिक खतरा बताया जा रहा था। हालांकि पृथ्वी से इसकी दूरी के इस बार के अधिकृत आंकड़े सामने आने अभी बाकी हैं। 

क्या है क्षुद्र ग्रह: 

हमारे सौर मंडल की संरचना एक तारे के टूटने से बताई जाती है। इसमें अधिक दृव्यमान से सूरज बना, वहीं शेष मॉलीक्यूलर क्लाउड से पृथ्वी सहित अन्य गृह बने। लेकिन इस दौरान बड़ी तादाद में मैटीरियल गृह का आकार नहीं ले सका और यह मैटीरियल क्षुद्र ग्रह के रूप में सौर मंडल में मौजूद रहा। वैज्ञानिकों के अनुसार मंगल व बृहस्पति के बीच ये मौजूद हैं। कई बार सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी के निकट भी आ जाते हैं। 

पृथ्वी पर टकराने से बना चंद्रमा: खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्रमा का निर्माण भी क्षुद्र ग्रह के पृथ्वी से टकराने के कारण हुआ है। यहीं नहीं 6.5 करोड़ साल पहले क्षुद्र ग्रह ने ही पृथ्वी से डायनासोर का अस्तित्व खत्म किया था। यही नहीं महाराष्ट्र की लोनार झील का निर्माण भी क्षुद्र ग्रह के पृथ्वी से टकराने के कारण होना बताया जाता है।  

खगोलविद क्यों रखे हुए थे नजर:

आर्य भट्ट प्रेक्षण शोध संस्थान के विज्ञान केंद्र के समन्वयक आरके यादव ने बताया कि क्षुद्र ग्रह के पृथ्वी के निकट आने पर वैज्ञानिक नजर बनाए हुए थे। इसके प्रेक्षण (ऑब्जर्वेशन) से भविष्य में इस तरह के संभावित खतरे से बचने का रास्ता खोजा जा सकता है। फिलहाल इस गतिविधि की विस्तृत रिपोर्ट आनी शेष है।

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News source: http://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-asteroids-that-were-passed-near-earth-safely-was-first-seen-in-2012-1593630.html