नई दिल्ली, एजेंसी। यूपी, पंजाव, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, गुजरात, दिल्ली ये कुछ ऐसे राज्य हैं, जहां कोराना के बाद डेंगू ने चिंता बढ़ा दी है। काफी जगहों पर अस्पताल भरे हुए हैं। यहां तक कि इस डेंगू बुखार के कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। राजधानी दिल्ली में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। डेंगू से पीड़ित मरीजों के परिजन प्लेटलेट्स के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जिन अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं हैं, उनमें भर्ती मरीजों के परिजन ब्लड बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।

बात यूपी की करें तो कई जिलों में डेंगू के मरीजों की गिनती कई सौ में गिनी जा रही है। राजधानी लखनऊ में भी हाल खराब है और एक-एक दिन दर्जनों मरीज मिल रहे हैं। अलीगढ़ हो या बरेली सभी जगह क्षमता से अधिक मरीज होने के कारण हालात खराब होते जा रहे हैं।

इसके अलावा पंजाब में डेंगू के मरीजों की संख्या 6704 तक पहुंचने के बाद सेहत विभाग की नींद टूटी। राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ओपी सोनी ने सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर डेंगू के मामले को गंभीरता से लेने के लिए कहा। राज्य में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सेहत विभाग ने राज्य को पांच जोन में बांट दिया है। राज्य में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज होशियारपुर में 1009, बठिडा में 962 और पठानकोट में 835 रिपोर्ट हो चुके हैं।

हरियाणा में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यमुनानगर, कैथल, करनाल, जींद, अंबाला में हर रोज डेंगू के 5 से 10 केस सामने आ रहे हैं। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग का कहना है कि बुखार आने पर लापरवाही न करें, चिकित्‍सक से संपर्क करें। जरूरत हो तो खून की जांच भी कराएं। जींद में अब तक डेंगू के 49 केस सामने आ चुके हैं। इस दौरान जिले में डेंगू से दो लोगों की मौत भी हो गई। जिलेभर के निजी व सरकारी अस्पतालों में बुखार पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बता दें कि डेंगू के लिए सितंबर व अक्टूबर माह पीक माना जाता है।

वहीं जम्मू-कश्मीर में डेंगू के लगातार बढ़ते मामले से स्वास्थ्य विभाग चिंतित नजर आ रहा है। बताया गया कि हर दिन आठ से दस नए मामले आ रहे हैं। इसको देखते हुए डेंगू के मरीजों के लिए बिस्तरों की क्षमता बढ़ाई गई है, वहीं स्टेट मलेरिया अधिकारी डा. बेलू शर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी का भी गठन करने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में अभी तक 279 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें से दो मरीजों की मौत हो चुकी है। एक मरीज ऊधमपुर का तो एक सुंदरबनी का रहने वाला था।

उधर, गुजरात में भी डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया जैसे मामले बढ़ रहे हैं। गुजरात के सिविल हास्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया, हेपेटाइटिस मामलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'अब तक डेंगू के 96 मामले, हेपेटाइटिस के 99 और चिकनगुनिया के 63 मामलों की पहचान हो चुकी है। उचित रोकथाम के जरिए मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।'