नई दिल्ली, आइएएनएस। जिन सौर ऊर्जा उत्पादकों ने अपनी परियोजनाओं के लिए संबंधित राज्यों से पावर परचेंज एग्रीमेंट (पीपीए) कर लिया है, उन्हें चीन से आयात मामले में सरकार ने थोड़ी राहत देने का मन बनाया है। सूत्रों का कहना है कि बिजली मंत्रालय का यह प्रस्ताव है कि इस तरह के उत्पादक अगर अपनी परियोजनाओं की स्थापना के लिए चीन से उपरकण मंगाते हैं, तो उन्हें उच्च आयात शुल्क नहीं देना होगा।

हालांकि सूत्रों ने यह भी कहा है कि इस वर्ष पहली अगस्त को ऐसी परियोजनाओं के पास वैध पीपीए होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह छूट एक ही बार मिलेगी, क्योंकि सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत उन सभी क्षेत्रों में आयात को प्रतिबंधित करना चाहती है, जिनमें घरेलू स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग हो रही है।                                                                                        

गौरतलब है कि बिजली मंत्रालय ने चीन से सोलर मॉड्यूल के आयात पर इस वर्ष 20-25 प्रतिशत तक बेसिक सीमा शुल्क का प्रस्ताव रखा है। इसे अगले वर्ष बढ़ाकर 40 प्रतिशत किए जाने का भी प्रस्ताव है। वहीं, सोलर सेल के आयात पर पहले वर्ष 15 प्रतिशत तक सीमा शुल्क का प्रस्ताव है, जिसे अगले वर्ष 40 प्रतिशत तक किया जा सकता है।

Posted By: Manish Pandey

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